हल्द्वानी, नवम्बर 25 -- हल्द्वानी। सामाजिक और व्यवस्थागत समस्याओं पर केवल चर्चा करने के बजाय ठोस समाधान सुझाने के अपने दृढ़ विश्वास के साथ, भूपाल सिंह मर्तोलिया अपनी दूसरी पुस्तक 'अभिलाषा एक अभिव्यक्ति' लेकर आए हैं। उनकी पहली पुस्तक 'अभिलाषा' को उत्तराखंड के पलायन, सड़क दुर्घटनाओं और सरकारी व्यवस्था जैसे मुद्दों पर दिए गए व्यवहारिक सुझावों के लिए सराहा गया था। नई पुस्तक में मर्तोलिया ने विभागीय जांच की निष्पक्षता, न्यायपालिका में दीवानी मामलों के निपटारे, उत्तरकाशी आपदा का अध्ययन, और सामुदायिक पुलिसिंग जैसे गंभीर विषयों पर ध्यान केंद्रित किया है। व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक, समस्याओं का वस्तुपरक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
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