पटना, मई 31 -- श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा राज्य को बाल श्रम मुक्त बनाने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 20 से 30 मई के बीच विभिन्न जिलों में सघन निरीक्षण एवं छापेमारी की गई। इस दौरान कुल 222 स्थानों पर छापेमारी कर 122 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। बाल श्रम कराने वाले 60 नियोजकों पर प्राथमिकी दर्ज की गई। विभाग द्वारा रविवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि विभागीय मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के निर्देश पर अधिकारियों द्वारा बाल श्रम को समाप्त करने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई गई है। इसके तहत बाल श्रमिकों की पहचान कर उन्हें कार्यस्थलों से मुक्त कराया जा रहा है। यह भी पढ़ें- अभियान में 10 दिनों में 133 बाल श्रमिक मुक्त हुए उनके पुनर्वास, शिक्षा से जोड़ने और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने...