वाराणसी, अप्रैल 1 -- वाराणसी। पूर्वांचल-डिस्कॉम के सिविल विभाग के अभियंताओं की उजागर तीन बड़ी अनियमितताओं को नजरअंदाज करने का मामला सामने आया है। एक भी मामले में अबतक कोई ऐक्शन नहीं लिया गया। जबकि, तीनों में से एक आरटीआई स्कैम की जांच पूरी हो चुकी है। वहीं, जेई को अपमानित करने और नियमों को ताख पर रखकर 60 लाख का टेंडर देने के प्रकरण की अबतक जांच ही शुरू नहीं हुई। सूत्रों ने बताया कि अनियमितताओं की जांच आख्या सौंपने में जान बूझकर देरी की जा रही है। ताकि, समय बीतने के साथ मामले को आसानी से दबाया जा सके। बता दें कि आरटीआई स्कैम प्रकरण में राज्य सूचना आयोग में अपील में विभागीय अधिवक्ता को 6490 रुपये की दर से पांच बार कुल 32450 रुपये का भुगतान किया गया था। वेद प्रकाश कौशल (पूर्व अधिशासी अभियंता) ने 17 फरवरी 2023 को 6490 रुपये का पेमेंट किया। अधि...
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