मेरठ, अगस्त 30 -- अभिभावकों से स्कूलों में अब आमने-सामने बैठकर बातचीत की जाएगी। पीटीएम के दौरान केवल मोबाइल संदेश या समूह के माध्यम से संवाद करने के बजाय आमने-सामने बातचीत को प्राथमिकता दी जाएगी। सीबीएसई का मानना है कि मोबाइल और इंटरनेट का अत्यधिक इस्तेमाल, सामाजिक माध्यमों का बढ़ता प्रभाव, पढ़ाई और भविष्य को लेकर दबाव बच्चों के भावनात्मक और मानसिक विकास को प्रभावित कर सकता है। अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार में अचानक आने वाले बदलाव, चिंता, विद्यालय जाने में परेशानी, पढ़ाई के दबाव और भावनात्मक समस्याओं के संकेतों को समझने के लिए जागरूक किया जाएगा। बच्चों में नशे की ओर बढ़ने के शुरुआती संकेतों की पहचान और समय पर सहायता लेने के बारे में भी अभिभावकों को जानकारी दी जाएगी। बाल वाटिका स्तर पर बच्चों के भावनात्मक विकास और मोबाइल देखने के समय, मध...