देवरिया, अप्रैल 9 -- देवरिया। निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान हैं। आलम यह है कि इन स्कूलों में हर साल छात्रों से री एडमिशन फीस वसूला जा रहा है जबकि छात्र उसी स्कूल में लगातार पढ़ रहा होता है। कई बार अभिभावक इसकी जिला प्रशासन से शिकायत भी करते हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं होता है।जनपद में करीब 7 सौ निजी स्कूल संचालित हैं। इनमें से कुछ स्कूल बेसिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई तो कुछ यूपी बोर्ड से संचालित हैं। एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो गया है। एडमिशन से लेकर कॉपी-किताब व ड्रेस तक कदम-कदम पर अभिभावकों की जेब ढीली हो रही है। हर साल छात्रों से री एडमिशन फीस वसूला जा रहा है, भले ही वो छात्र उस स्कूल में पहले से पढ़ता हो। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल डेवलपमेंट, मेंटेनेंस और इन्फ्रास्ट्रक्चर शुल्क की बात कहकर 20 से 30 हजार रूप...
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