अलीगढ़, सितम्बर 11 -- बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के साथ फिल्मी कहानी जैसा ही असली जीवन में भी हुआ है। इस खेल को देखते हुए उनसे जुड़े चर्चित प्रॉपर्टी विवाद में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। फर्जी वसीयत बनाने के आरोपी अधिवक्ता अजीत सिंह तोमर की अग्रिम जमानत अर्जी को एडीजे द्वितीय तोष कुमार शर्मा की अदालत ने रद्द कर दी है। अदालत में पेश दस्तावेजों के मुताबिक वसीयतकर्ता हरेंद्र पाल सिंह की मौत 31 जनवरी 1997 को हुई और ठीक एक दिन पहले 30 जनवरी 1997 को उनकी वसीयत तैयार दिखाई गई। बिल्कुल वैसा ही, जैसा फिल्मों में आखिरी मौके पर वसीयत बनते दिखाया जाता है। चंद्रचूड़ सिंह का आरोप है कि उनके चाचा-चाची ने फर्जी वसीयत बनवाई है। जिसकी मुख्य गवाह उनकी बुआ हैं। जिस तारीख में वसीयत बनाना दर्शाया गया है, उस समय दादाजी गंभीर रूप से बीमार थे और वसीयत बनाने...