वाराणसी, अप्रैल 17 -- वाराणसी। जगद्गुरु श्रीवल्लभाचार्य जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में गुरुवार की शाम अभिनव नाट्य प्रयोग का साक्षी बना। श्रीशुद्धाद्वैत जप यज्ञ समिति की ओर से चौखंभा स्थित वल्लभगीता कृष्ण भवन में समारोह के अंतिम दिन 'अंतर्मन का आश्रय' नाटक का मंचन हुआ। आध्यात्मिक नाट्य प्रयोग की सफलता का श्रेय नाटक के लेखक और निर्देशक वरिष्ठ रंगधर्मी अनूप अग्रवाल को जाता है।चौरासी वैष्णवों की वार्ता की कहानियों में से एक धोबी की वार्ता पर केंद्रित नाट्य मंचन देखकर वैष्णवजन प्रभु के परमानंद स्वरूप से परिचित हुए। यह नाटक एक धोबी (श्रीदेवी) के तीन जन्म की कथा वार्ता पर आधारित रहा। यह केवल वार्ता साहित्य या एक कहानी नहीं है, बल्कि जीवन के नैतिक मूल्यों के तीन स्तंभों विवेक, धैर्य और आश्रय का सजीव चित्रण रहा। इस नाटक ने संदेश दिया कि स...
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