नई दिल्ली, जुलाई 24 -- बुखार और शरीर दर्द से जूझ रहे अभिजीत दीपके ने रातभर अस्पताल में इलाज कराया और सुबह वह एक बार फिर जंतर-मंतर पहुंच गए, जहां उन्होंने सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने के बाद एक महीने से जारी जंग में नई शुरुआत की है। अस्पताल में ताकत जुटाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक ने आंदोलन में नई जान फूंकने की कोशिश की है। उन्होंने आंदोलन को जारी रखने का ऐलान करते हुए साफ कर दिया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है। अभिजीत पिछले कुछ दिनों से स्वस्थ नहीं हैं। पहले उल्टी-दस्त की शिकायत हुई और फिर बुखार और शरीर दर्द से ने उन्हें परेशान कर दिया। आखिरकर उन्हें गुरुवार को जंतर-मंतर से कुछ समय के लिए हटना पड़ा। दीपके ने सोशल मीडिया पर बताया कि पेनकिलर लेकर वह किसी तरह बर्दाश्त कर रहे थे, ले...