अभावों के बीच खिलाड़ियों ने जमाई धाक, कोच भी नहीं
बांदा, जून 22 -- बांदा। जनपद में मेधावी होनहार खिलाड़ियों की लंबी फेहरिस्त है। हॉकी, बैडमिंटन, कबड्डी, ताइक्वांडो व दौड़ से लेकर वालीबाल व तैराकी तक में यहां के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोगा मनवाया। मंडल से लेकर अंतर्राष्ट्रीय तक तक मेडल जीतकर जिला का देश-विदेश में गौरव बढ़ाया। हालांकि दशकों से यहां खेल सुविधाओं की दरकार है। जिला मुख्यालय के स्पोर्ट्स स्टेडियम में तीन सालों से जिला क्रीड़ा अधिकारी का पद खाली है। इसके अलावा यहां कई विधाओं के कोच नहीं हैं। स्पोर्ट्स स्टेडियम में जमीन काफी नीचे है, इससे यहां बारिश होने पर महीनों जल भराव रहता है। स्टेडियम में न तो बेडमिंटन, वालीबाल कोर्ट हैं और न ही मैदान ही स्तरीय है। जिला खेल समिति ने यहां सुविधाओं के नाम पर करोड़ रुपये खर्च तो कर दिए, पर मौके पर कोई भी सुविधा नहीं नजर आ रही है। खिलाड़...
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