बलिया, मई 30 -- बलिया, संवाददाता। जनपद में अब 50 हजार रुपये तक की साइबर ठगी के मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं होगी, बल्कि विवेचक सीधे जांच रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित के खाते में रकम वापस कराएंगे। इस नई व्यवस्था से पीड़ितों को त्वरित राहत मिलेगी और लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा।50 हजार रुपये तक की साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को कोर्ट की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। नयी व्यवस्था के तहत मुकदमा दर्ज किए बिना जांच रिपोर्ट के आधार पर विवेचक सीधे पीड़ित के खाते में ठगी की रकम वापस करायेंगे। इसके थानेदार, बैंक, साइबर सेल को जिम्मेदारी दी गयी है। इन तीनों से अगर समाधान नहीं हुआ तो नोडल अफसर जांच कर रकम वापस कराएंगे। सूत्रों की मानें तो 50 हजार रुपये तक के साइबर फ्राड मामलों की प्रारंभिक जांच संबंधित थानेदार करेंगे। जांच पूरी होने के बाद...