आजमगढ़, जून 5 -- आजमगढ़,संवाददाता। परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत दिए जाने वाले खाद्यान्न में अब कोटेदार और प्रधानाध्यापक गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे। अब ओटीपी बताएगी कि विद्यालयों तक एमडीएम का राशन वास्तव में पहुंचा है या नहीं। राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया को खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल से जोड़ा जाएगा। जिससे आवंटन से लेकर स्टॉक की उपलब्धता तक हर गतिविधि ऑनलाइन दर्ज होगी। नई व्यवस्था के तहत विद्यालयों को खाद्यान्न वितरण तभी मान्य होगा, जब कोटेदार और विद्यालय के प्रधानाध्यापक अथवा अधिकृत प्रतिनिधि दोनों की ओर से ओटीपी के माध्यम से इसकी पुष्टि की जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले कई बार खाद्यान्न उठान और वितरण के बीच अंतर की शिकायतें सामने आती थीं। यह भी पढ़ें- स्कूलों में नियमित रूप से हो एमडीएम का सं...