रांची, मई 10 -- झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी 'मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना, 202 में अब राज्य के कुल 50 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रत्येक वर्ष विदेश में उच्च स्तरीय शिक्षा (01 वर्षीय मास्टर्स/एम.फिल डिग्री) प्राप्त करने के लिए पूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। पिछले दिनों मंत्रिपरिषद से स्वीकृत इस प्रस्ताव का राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने संकल्प जारी कर दिया है। इस संशोधित योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू करने की मंजूरी दे दी है, जिस पर सालाना लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकतम 20, पिछड़ा वर्ग के अधिकतम 14, अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकतम 10, अल्पसंख्यक वर्ग के अधिकतम 06 छात्र-छात्राओं को लाभ दिया जाएगा।...
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