लखीमपुरखीरी, अप्रैल 10 -- भारत नेपाल की सीमाओं की चौकसी में अब विदेशी श्वानों के साथ अपनी मिट्टी के जांबाज भी मुस्तैदी से तैनात नजर आएंगे। 39 वीं वाहिनी एसएसबी ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए भारतीय मूल के दो श्वानों, स्नोवी और बेला को तैयार किया है। करीब छह माह के कठिन प्रशिक्षण के बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह श्वान अब देश सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कमांडेंट रबीन्द्र कुमार राजेश्वरी और डॉ. शालिनी परिहार के निर्देशन में स्नोवी को नशीले पदार्थों और बेला को विस्फोटकों की पहचान करने में विशेषज्ञ बनाया गया है। इन देशी श्वानों ने अपनी बुद्धिमत्ता और तीव्र सूंघने की शक्ति से साबित कर दिया कि वह विदेशी नस्लों के मुकाबले अधिक सक्षम और भारतीय वातावरण के अनुकूल हैं। इस अवसर पर कमांडेंट ने प्रशि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.