प्रयागराज, दिसम्बर 8 -- रेलवे बोर्ड ने इंटर-रेलवे सुरक्षा ऑडिट को अब अनिवार्य और समयबद्ध प्रक्रिया बना दिया है। पहले यह साल में एक बार होता था और अक्सर टल जाता था, लेकिन अब इसे दो चरणों जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर में किया जाएगा। हर जोन दूसरे जोन की सुरक्षा जांच करेगा। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सुरक्षा) बीएम त्रिपाठी ने नई व्यवस्था का शेड्यूल जारी कर दिया है। जांच पूरी होने के सात दिन के भीतर रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। यदि खामियां मिलती हैं तो संबंधित जोन को 30 दिन के भीतर सुधार अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था से निगरानी और जवाबदेही बढ़ेगी।
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