बांका, दिसम्बर 18 -- बांका, निज प्रतिनिधि। बरसात के मौसम में आकाशीय बिजली (वज्रपात) की घटनाओं से जान माल की हानी हो रही है। सूबे में सबसे अधिक वज्रपात की घटनाओं वाले जिलों की सूची में बांका जिला भी शामिल है। यहां हर साल वज्रपात से करीब 100 लोगों की मौत हो रही है। जिसको लेकर केंद्र व राज्य सरकार गंभीर है। इसके तहत बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जिले को वज्रपात के कहर से बचाए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए सरकारी भवनों में लाइटनिंग एरेस्टर (तडित चालक यंत्र) लगाए जाएंगे। अब ये लाइटनिंग एरेस्टर सरकारी भवनों को वज्रपात से बचाएगा। इस योजना के पहले फेज में अभी 26.40 लाख की लागत से जिले के 22 सरकारी भवनों व कार्यालयों में तडित चालक यंत्र लगाए जा रहे हैं। इसमें एक लाइटनिंग एरेस्टर की लागत 1 लाख 20 हजार है। फिलवक्त यहां समाहर...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.