अब सत्तार-कुर्रतुल की जगह सुरेंद्र-बलराज का अफसाना पढ़ेंगे उर्दू के छात्र
प्रयागराज, जुलाई 28 -- प्रयागराज, अनिकेत यादव। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के तहत स्नातक पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। नए शैक्षिक सत्र से उर्दू विषय के प्रथम सेमेस्टर के पाठ्यक्रम में अब छात्र पुराने अफसानों (कथा-कहानी) की जगह समकालीन और आधुनिक उर्दू साहित्य के नए रचनाकारों की कहानियां पढ़ेंगे।
पाठ्यक्रम में बदलाव पाठ्यक्रम में बदलाव के तहत अब्दुल सत्तार की चर्चित कहानी 'पीतल का घंटा' और कुर्रतुल ऐन हैदर की 'पतझड़ की आवाज' को प्रथम सेमेस्टर के पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है। इनके स्थान पर सुरेंद्र प्रकाश की कहानी 'दूसरे आदमी का ड्राइंगरूम' और बलराज मैनरा की रचना 'वो' को शामिल किया गया है। नए पाठ्यक्रम में शामिल इन अफसानों के माध्यम से छात्रों को आधुनिक उर्दू कहानी के बदलते स्वरूप, सामाजिक सरोक...
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