नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- लोकतंत्र अब राजतंत्र में ढलता जा रहा है। यही आज की सच्चाई है। सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि दुनिया भर में लोकतांत्रिक मूल्यों का पतन हो रहा है। यानी, वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र एक महत्वपूर्ण गिरावट का सामना कर रहा है, जो कई वर्षों से जारी उस प्रवृत्ति को चिह्नित करता है, जिसमें देश लोकतंत्र की तुलना में अधिनायकवाद की ओर धकेले जाते हैं। इस तरह की घटना को 'महान उलटफेर' या 'निरंकुशता की तीसरी लहर' के रूप में वर्णित किया जा सकता है, जिसमें वैश्विक आबादी का आधा से अधिक हिस्सा अब अधिनायकवादी शासन के अधीन गुजर-बसर करने को मजबूर है। लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं अक्सर निरंकुश शासन, धनिकतंत्र या कुछ लोगों द्वारा सत्ता के संचय में बदल जाती हैं, या उसके द्वारा प्रतिस्थापित हो जाती है, जो प्रभावी रूप से एक सम्राट के मनमाने शासन को प्रतिबिं...
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