वरिष्ठ संवाददाता, सितम्बर 25 -- आजमगढ़ के शंभूपुर में मां-बाप और भाई को खोकर अनाथ हुईं परी और शानवी के सिर पर एसएसपी ने पिता के रूप में हाथ रखा है। वहीं पुलिसकर्मी भी अपने वेतन से उनकी जिंदगी संवारने आगे आए हैं। दोनों बच्चियों समेत तीनों पीड़ित परिवारों को शासन की योजनाओं का सहारा देकर प्रशासन ने भी मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़े होने का भरोसा दिया है। अहरौला इलाके के शंभूपुर गांव में मंगलवार रात 32 वर्षीय पत्नी बबिता सिंह, आठ साल के बेटे शौर्य और दो पुजारियों की हत्या ने आम लोगों के साथ पुलिस को भी झकझोर दिया है। बेशक घटना के चंद घंटे बाद ही पुलिस ने हत्यारोपी अरविंद सिंह को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। लेकिन मां-बाप और भाई के मरने से अनाथ हुईं दोनों बहनों दस वर्षीय परी और 11 माह की शानवी की जिंदगी संवारने के लिए एसएसपी के साथ पुलिस ने भी ह...