नई दिल्ली, अगस्त 30 -- सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे अपने अनिश्चितकालीन अनशन के दूसरे दिन रविवार को अपनी इस मांग पर अड़े रहे कि सभी मराठों को कुनबी जाति के प्रमाणपत्र दिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर महाराष्ट्र सरकार ने उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो वह मुंबई तक मार्च करेंगे। जरांगे ने शनिवार को जालना जिले के अपने पैतृक गांव अंतरवाली सराटी में मराठा आरक्षण से जुड़ी मांगों को लेकर अपना 11वां अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया। उनके आंदोलन के समर्थन में समुदाय के हजारों लोग वहां जुटे हैं।क्या है जरांगे की मांग जरांगे की मांग है कि पात्र मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए। कुनबी एक कृषक समुदाय है, जिसे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है। अपने आंदोलन के दूसरे दिन पत्रकारों से ...