सिमडेगा, अप्रैल 30 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। धान खरीदारी की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जिले के 18 लैंपस एवं गोदामों से 15775 क्विंटल धान का उठाव नहीं हो सका है। जिस कारण किसानों की मेहनत से उपजा धान अब बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। गोदामों में रखे धान की बोरियों को चूहे कुतर रहे हैं। वहीं भीषण गर्मी और सूरज की तपिश से धान की नमी कम होती जा रही है। जिससे लगातार वजन घट रहा है। जिले के कई लैम्पस गोदामों का हाल चिंताजनक है। गोदामों में धान की बोरियां खुले हालात में पड़ी हैं। वहां रख-रखाव की व्यवस्था कमजोर है। यह भी पढ़ें- सरकारी गोदामों में सड़ रहा धान, चूहे कुतर रहे बोरियां, हाथी भी बना रहे निशाना लैम्पस प्रभारियों का कहना है कि समय पर उठाव नहीं होने से वे परेशान हैं। ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से जल्द धान उठाव कराने की मांग की है। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.