देहरादून, मई 24 -- देहरादून। विश्व थायरॉयड दिवस के मौके पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने मरीजों के लिए आधुनिक तकनीक से स्कारलेस थायरॉयडेक्टॉमी (बिना निशान वाली थायरॉयड सर्जरी) की सुविधा शुरू की है। कैंसर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि पारंपरिक ऑपरेशन में गर्दन पर बड़ा निशान रह जाता था, लेकिन अब एंडोस्कोपिक विधि से गले पर चीरा लगाए बिना थायरॉयड की गांठ सुरक्षित रूप से निकाली जा रही है। हेड-नेक ऑन्को सर्जन डॉ. पल्लवी कौल ने बताया कि अस्पताल में इस नई तकनीक से कई सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। शुरुआती थायरॉयड कैंसर और थायरॉयड की गांठों के इलाज में यह तकनीक बेहद सुरक्षित व प्रभावी विकल्प साबित हो रही है। गर्दन पर दाग न आना, कम दर्द, कम रक्तस्राव और बेहद कम समय में रिकवरी शामिल है, जिससे मरीज जल्द अपने सामान्य जीवन में लौट सकता ह...