मधुबनी, अप्रैल 1 -- झंझारपुर,निज प्रतिनिधि। झंझारपुर स्थित उपकारा अब सिर्फ एक जेल नहीं, बल्कि एक 'सुधारगृह' के रूप में नई पहचान बना रहा है। यहां बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से शिक्षा की अलख जगाई जा रही है। जेल प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से अब बंदियों को साक्षरता से लेकर मैट्रिक और इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई का अवसर मिल रहा है। जेल अधीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि उपकारा में आने वाले बंदियों को केवल सजा नहीं, बल्कि सुधार का अवसर दिया जा रहा है। "हमारा लक्ष्य है कि यहां से बाहर जाने वाला हर व्यक्ति शिक्षित, संस्कारित और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बने," उन्होंने कहा कि इसी दिशा में शिक्षा विभाग के सहयोग से बासोपट्टी के प्लस टू शिक्षक अनिल कुमार ठाकुर को उपकारा में पदस्थापित किया गया है। वे प्रतिदिन ...