बहराइच, जून 26 -- बहराइच,संवाददाता। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत अब स्वयं सहायता समूहों की सदस्यता में फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा। शासन ने समूह सदस्यता के लिए चेहरा प्रमाणीकरण यानी फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया है। अब आधार सत्यापन के साथ मोबाइल एप से चेहरे की पहचान होने के बाद ही किसी महिला को समूह में शामिल किया जाएगा। नई व्यवस्था का मकसद वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करना और फर्जी सदस्यता रोकना है। इससे समूहों के गठन और संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी। सरकारी योजनाओं का ऋण, प्रशिक्षण और अन्य लाभ सही पात्र महिलाओं तक पहुंचेगा। अभी तक सिर्फ आधार सत्यापन से सदस्य बना लिया जाता था, लेकिन अब प्रक्रिया तकनीक आधारित और सुदृढ़ हो गई है। फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा मोबाइल एप पर दी गई है। एप आधार से जुड़े बायोमेट्रिक डाटा से चेहरे का मिलान करेगा।...