संभल, मार्च 25 -- संभल। नई शिक्षा नीति के तहत अब पढ़ाई के पारंपरिक तरीकों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। छात्रों को अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि प्रोजेक्ट और एक्टिविटी आधारित शिक्षा के जरिए उन्हें व्यवहारिक ज्ञान भी दिया जाएगा। शिक्षण प्रक्रिया को और रोचक बनाने के लिए चित्र, कहानियों और प्रैक्टिकल माध्यम का सहारा लिया जाएगा, जिससे बच्चे आसानी से विषयों को समझ सकें और सीखने में रुचि भी बढ़े। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का उपयोग भी शिक्षा में बढ़ाया जाएगा, ताकि छात्र आधुनिक तकनीक से जुड़ सकें और डिजिटल युग के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। नई व्यवस्था में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा प्रणाली को सरल, प्रभावी और रुचिकर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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