महाराजगंज, फरवरी 17 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) इंजेक्शन लगवाने के लिए लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। शासन ने निजी हास्पिटलों इस इंजेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। शासन के आदेश के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है। पंजीकृत सभी प्राइवेट हास्पिटलों को एआरवी स्टाक रखने और पीड़ित को वैक्सीन देने का निर्देश दिया गया है। कुत्ता, बिल्ली, बंदर, सियार, बाघ, नेवला और चूहा के काटने पर व्यक्ति को रेबीज होने की आशंका अधिक हो जाती है। एंटी रेबीज होने पर व्यक्ति को बचाना मुश्किल हो जाता है। रेबीज बीमारी से बचने के लिए इन जानवरों को काटने के बाद व्यक्ति को एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की डोज लेना जरूरी होता है। समय-समय पर पूरी डोज लेने के बाद व्यक्ति रेबीज से सुरक्षित हो जाता है। लेकिन एआरवी की सुविधा सिर्फ...
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