बलरामपुर, दिसम्बर 23 -- बलरामपुर,संवाददाता। बलरामपुर के मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक पाठ्यक्रम में अब श्री मार्कंडेय पुराण (दुर्गा सप्तशती) और श्रीमद् देवी भागवत महापुराण को सम्मिलित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में पहली बार परंपराओं से जुड़े ग्रंथों की पढ़ाई कराने की पहल हो रही है। मां पाटेश्वरी देवी के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ संस्कृत एंड एंशिएंट इंडियन लैंग्वेज के अंतर्गत शाक्त ग्रंथों को पढ़ाए जाने के लिए एक विशेष पाठ्यक्रम सलाहकार समिति का गठन किया गया है। कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह के मार्गदर्शन में गठित इस समिति की अध्यक्षता श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्...
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