भागलपुर, अगस्त 24 -- भागलपुर, मुख्य संवाददाता। अब पशुओं का भी आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) विधि से गर्भाधान होगा। अब तक यह तकनीक महिलाओं में उपयोग होती रही है। सिर्फ मादा पशुओं के जन्म की गारंटी के साथ यह तकनीक सूबे में लागू किया जाएगा। बिहार में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए राज्य सरकार नस्ल सुधार योजना चलाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राज्य भर में इसे लागू करने की योजना बनाई गई है। योजना के मुताबिक पहले साल 1000 पशुओं में आईवीएफ से गर्भाधान कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 800 अंडाणु (ओवम) देश में उपलब्ध आईवीएफ प्रदाताओं से एवं अंडाणु 200 विदेशों से मंगाया जाएगा। राज्य सरकार ने 63.92 करोड़ रुपये सालभर में खर्च करने की योजना बनाई है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अंजली कुमारी ने बताया कि 20वीं पशुगणना के आधार पर राज्य में 131.35 लाख...