गुड़गांव, जुलाई 15 -- गुरुग्राम, संवाददाता। स्कूलों में अब बच्चों की पढ़ाई सिर्फ पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में छात्र कक्षा से निकलकर स्कूल परिसर को संवारने, पौधों की देखभाल करने, पानी बचाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का भी पाठ पढ़ेंगे। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में सेवा भावना, अनुशासन और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। गुरुग्राम के सरकारी स्कूलों में भी इसे नई समय-सारिणी के साथ लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे कक्षा के अनुसार समय तय कर विद्यार्थियों को नियमित रूप से इन गतिविधियों से जोड़ें। सिर्फ सफाई नहीं, जिम्मेदारी का भी पाठ:

जिम्मेदारी का पाठ श्रमदान सत्र के दौरान बच्चों को केवल झाड़ू लगाने या स्कूल की सफाई तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्हें स्व...