मथुरा, अप्रैल 13 -- प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक स्कूलों की प्रबंध समिति में प्रशासनिक अधिकारियों व शिक्षाविद्दों को सीधे सदस्य मनोनीत किए जाने पर रोक लगा दी गई है। प्रबंध समिति में चुनाव के माध्यम से ही अधिकारी, शिक्षाविद व अन्य पद प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा पांच वर्ष के लिए सीमित किए गए कार्यकाल को भी खत्म कर दिया गया है। इसके लिए अब पुरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. महेन्द्र देव की ओर से एडेड माध्यमिक स्कूलों की आदर्श प्रशासन योजना को निरस्त कर दिया गया है। अभी तक देखने में आ रहा था कि किसी भी अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूलों की प्रबंध समितियों को लेकर विवाद होने पर जिलाधिकारी द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक की रिपोर्ट पर जिले के अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त कर दिया जाता था...