रांची, मार्च 30 -- रांची, विशेष संवाददाता। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), मेसरा के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी उन्नत ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस प्रणाली विकसित की है, जो दिमाग के विद्युत संकेतों को वास्तविक समय में व्हीलचेयर चलाने के निर्देशों में बदल सकती है। यह प्रणाली क्वांटम-एन्हांस्ड डीप लर्निंग मॉडल पर आधारित है। इस शोध को अंतरराष्ट्रीय जर्नल न्यूरोसाइंस (एल्सेवियर, वॉल्यूम 591, नवंबर 2025) में प्रकाशित किया गया है। ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस तकनीक को रीढ़ की हड्डी की चोट, स्ट्रोक, एएलएस (एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस) और सेरेब्रल पाल्सी जैसी स्थितियों से जूझ रहे लोगों के लिए सहायक तकनीक के रूप में देखा जा रहा है, जहां स्वतंत्र रूप से चलना-फिरना एक बड़ी चुनौती होती है। ईईजी आधारित प्रणालियां उपयोगी मानी जाती हैं, क्योंकि ये बिना शरीर में कोई...