लखनऊ, अप्रैल 28 -- अब सिजेरियन या सामान्य प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को पूरी तरह से बेहोश करने की जरूरत नहीं पड़ती है। दर्द रहित प्रसव का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसमें गर्भवती महिलाओं को खास तरह का एनेस्थीसिया दिया जाता है। जिससे प्रसव के दौरान होने वाला तेज दर्द काफी कम हो जाता है। यह जानकारी केजीएमयू एनस्थीसिया विभाग के डॉ. तन्मय तिवारी ने दी। मंगलवार को इंडियन सोसाइटी ऑफ एनस्थीसियोलॉजिस्ट की ओर से रीजनल एनस्थीसिया एक्सपर्ट मीट 2026 का आयोजन हुआ। जिसमें उत्तर भारत से 100 से अधिक डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। डॉ. तन्मय तिवारी ने कहा कि अब रीजनल एनस्थीसिया ने इलाज की राह आसान कर दी है। दर्द रहित प्रसव में रीजनल प्रसव तकनीक अपनाई जा रही है। इस प्रक्रिया में पीठ के निचले हिस्से में एक पतली सुई के जरिए रीढ़ के पास महीन ट्यूब (कैथेटर) डाली जाती ...