प्रयागराज, जुलाई 30 -- प्रयागराज, संवाददाता। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित पांच दिवसीय मेडिको-लीगल कार्यशाला में विशेषज्ञों ने गुरुवार को साक्ष्यों के संकलन, घटनास्थल की फोटोग्राफी, फिंगरप्रिंट और डीएनए परीक्षण के तकनीकी पहलू पर विचार व्यक्त किए। पोस्टमार्टम हाउस प्रभारी व फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि नेशनल क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की ओर से एक सॉफ्टवेयर बनाया गया है। इसके माध्यम से पंचनामा को भी अब थाने से ऑनलाइन भेजा जा सकता है। इससे विवेचना की प्रक्रिया सरल होने के साथ भागदौड़ भी कम होगी। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़खानी ना होने पाए इसके लिए चैन ऑफ कस्टडी का ध्यान रखना चाहिए।विधिविज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के फॅारेंसिक विशेषज्ञ डॉ. उदय प्रताप सिं...