मैनपुरी, जनवरी 24 -- कहते हैं कि बुजुर्गों की जुबान पर आशीर्वाद होता है। बुजुर्ग दिल से आशीर्वाद देते हैं तो सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। शहर के वृद्धाश्रम में सौ से अधिक बुजुर्ग दंपति अपनों को आशीर्वाद तो देना चाहते हैं मगर ये अपने उनसे आशीर्वाद तो ले ही नहीं रहे, साथ ही उन्हें अपनों से दूर भी कर रहे हैं। शनिवार को इस आश्रम में शहर के लोग पहुंचे तो ये बुजुर्ग अपनी बातें करते हुए खुशी के आंसू रो पड़े। कहने लगे कि अब तो मिलने आने वाले लोग ही उनके जीवन का सहारा हैं। हालांकि उन्हें उन अपनों की याद भी सताती है जो उन्हें यहां छोड़ गए हैं। वृद्धाश्रम में इस समय सौ से अधिक वृद्धजन रह रहे हैं। यहां उनके लिए पर्याप्त बिस्तर हैं, गर्म कपड़े हैं, खाने-पीने के लिए भोजन भी है लेकिन समय बिताने के लिए बेटा-बेटी, नाती-पोते नही हैं, जिनकी इस उम्र में ...
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