अब तक हजारों संदिग्ध लोगों की जांच में 906 नए मरीज चिह्नित
किशनगंज, मई 28 -- किशनगंज। टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि ऐसी संक्रामक चुनौती है जिसे नजरअंदाज करना पूरे परिवार और समाज पर भारी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच नहीं कराने और बीच में दवा छोड़ देने की आदत टीबी को और अधिक खतरनाक बना रही है। यही लापरवाही आगे चलकर एमडीआर टीबी जैसी गंभीर स्थिति में बदल जाती है, जिसका इलाज लंबा, कठिन और कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है। यह भी पढ़ें- डेज़ टीबी अभियान से बढ़ी जांच, 333 नए मरीजों की पहचानटीबी के खिलाफ जागरूकता अभियान इसी खतरे को देखते हुए जिले में टीबी के खिलाफ चल रहा अभियान अब केवल मरीज खोजने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लोगों को यह समझाने पर भी जोर दिया जा रहा है कि अधूरा इलाज पूरे समाज के लिए खतरा बन सकता है। गांवों से लेकर शहरी बस्तियों तक स्वास्थ्यकर्मी लगातार लो...
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