मुजफ्फरपुर, जून 8 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता आग लगी हुई है। सभी लोग भाग रहे हैं। मुझे भी निकालो। मुझे तो दिखाई भी नहीं देता। रात के अंतिम पहर में मो.मुश्ताक यह कहते हुए चिल्ला उठते हैं। डॉक्टरों का कहना कि उस घटना का डर उनके दिल में अंदर तक बैठ गया है। धीरे-धीरे उससे बाहर आ पाएंगे। तीन दिन बाद भी अब तक आग का खौफ चेहरे पर है। बार-बार नींद में भी आग-आग चिल्ला उठते हैं। प्रसाद हॉस्पिटल की आईसीयू में लगी आग में घायल मरीजों पर अब भी उस रात की काली छाया है। यह भी पढ़ें- अब तक चेहरे पर खौफ, नींद में भी चिल्ला उठते आग-आगघायल मरीजों की स्थिति पटना के मेदांता में भर्ती मो. मुश्ताक, अमरनाथ सिंह की शारीरिक स्थिति में तो सुधार हो रहा मगर दिल में अब भी दहशत है। मो.मुश्ताक के बेटे मो.चांद ने कहा कि अब्बू बार-बार दिन में भी यही चिल्लाते हैं कि सब उस...