गोंडा, मई 21 -- गोण्डा, संवाददाता। जिले की प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को अब डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा। भारत सरकार के ज्ञान भारतम् मिशन के तहत शुरू हुए राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान में 75 साल या उससे पुराने दुर्लभ ग्रंथ, धार्मिक अभिलेख और ऐतिहासिक दस्तावेज ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे। डीआईओएस डॉ राम चन्द्र ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के सभी संस्कृत विद्यालयों और महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यो को सर्वेक्षक नामित किया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर सर्वे पूरा कर साक्ष्य सहित रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।अभियान के तहत मंदिरों, मठों, गुरुकुलों, दरगाहों, पुस्तकालयों, ट्रस्टों, संग्रहालयों और आयुर्वेदाचार्यो के पास सुरक्षित प्राचीन सामग्री का विवरण जुटाया जाएगा। के...