हल्द्वानी, मार्च 25 -- हल्द्वानी। शहरी इलाकों के साथ-साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी रसोई गैस (एलपीजी) का संकट गहराने लगा है। जिस 'उज्ज्वला योजना' ने कभी गांवों को धुआं-मुक्त करने का सपना दिखाया था, आज वही गांव फिर से पुराने दौर की ओर लौटते दिख रहे हैं। सिलेंडरों की किल्लत और आसमान छूती कीमतों के कारण ग्रामीण महिलाएं अब पशुओं के लिए घास जुटाने के साथ ही जंगल में लकड़ियों की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। दमुवाढूंगा, पनियाली, फतेहपुर, मल्ला प्लाट, गौलापार, चोरगलिया, रानीबाग, सनकोट, मल्ला काठगोदाम, गौलाबैराज क्षेत्र आदि इलाकों में सुबह महिलाओं की टीम जंगल जाते हुए देखी जा सकती है। बदल गई प्राथमिकता, पुरुषों ने भी संभाला मोर्चाआम तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुबह पशुओं के लिए चारा जुटाने से शुरू होती थी, लेकिन अब उनकी चुनौतियां दोगु...
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