गोरखपुर, अप्रैल 9 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता आम धारणा है कि सेब की खेती सिर्फ कश्मीर या हिमाचल की ठंडी वादियों में ही हो सकती है। लेकिन, उनौला दोयम के प्रगतिशील किसान धर्मेंद्र कुमार सिंह इस मिथक को तोड़ दिया रहे हैं।50 डिसमिल में अमरूद की रेड डायमंड और ताइवान पिंक की प्रजातियों के बीच हरमन-99 और अन्ना हिमाचली सेब की प्रजातियों के 98 पौधों पर फल आ गए हैं। उप कृषि निदेशक धनंजय सिंह एवं जिला उद्यान अधिकारी पारस नाथ ने पिछले दिनों पौधों का निरीक्षण कर प्रगतिशील किसान धर्मेंद्र का हौसला बढ़ाया। उम्मीद जताई कि दूसरे किसान भी धर्मेंद्र से प्रेरणा लेंगे।45 से 50 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान सहन करने वाले सेब की इस प्रजाति के लिएदोमट बलुआही मिट्टी सबसे उपयुक्त है। धर्मेंद्र बताते है कि खासियत यह कि इसमें नए कल्ले (टहनियों) पर ही फूल लगते हैं, जिससे स...