गुड़गांव, फरवरी 21 -- गुरुग्राम,संवाददाता। मानसिक स्वास्थ्य अब केवल अस्पतालों या क्लीनिक तक सीमित विषय नहीं रहेगा। इसे समाज के हर वर्ग खासकर युवाओं और ग्रामीण समुदाय तक पहुंचाने की दिशा में गुरुग्राम से एक नई पहल शुरू हो रही है। 22 फरवरी से शुरू होने जा रहे चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के माध्यम से विशेषज्ञ न केवल विचार साझा करेंगे, बल्कि एक व्यावहारिक सामुदायिक मॉडल पर काम करेंगे, जिससे मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं गांवों तक पहुंच सकें। गुरुग्राम विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा 22 से 25 फरवरी तक आयोजित समन्वय- अंतरराष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संगम- शोध और व्यवहार के लिए सहक्रिया विषय का फोकस इस बार शोध से आगे बढ़कर जमीनी क्रियान्वयन पर रहेगा। सम्मेलन में देश-विदेश से 500 से अधिक शोधकर्ता, मनोवैज्ञानिक, शिक्षाविद और व्यवहार विशेषज्ञ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.