अमरोहा, अप्रैल 14 -- अमरोहा, संवाददाता। खाद व उर्वरक खरीदने के लिए किसानों को अब खतौनी दिखाने की जरूरत नहीं होगी। फार्मर रजिस्ट्री दिखाकर ही भूमि के अनुसार खाद मिल जाएगा। गेहूं, धान, सरसों आदि फसलों को बेचने के लिए भी सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी। फार्मर रजिस्ट्री के जरिए ही उनकी जांच हो जाएगी। गौरतलब है कि पीएम किसान सम्मान निधि के लिए विभाग ने फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य किया है। यदि किसी किसान ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है तो सम्मान निधि पर विराम लग सकता है। अधिकारियों ने पंचायतों में लगने वाले शिविरों में किसानों से फार्मर रजिस्ट्री बनवाने और ई-केवाईसी कराने की अपील की है। यह भी पढ़ें- डेड लाइन घोषित, 30 अप्रैल तक करें फार्मर रजिस्ट्री सरकार ने एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों को डिजिटल पहचान देने के लिए कदम उठाया है। इसमें किसान,...
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