रामपुर, मार्च 14 -- किसानों को अब किसान आईडी के माध्यम से ही खाद दी जाएगी। कृषि संबंधी विभिन्न अनुदान एवं योजनाओं का लाभ भी किसान आईडी से ही दिया जाएगा। किसानों के खेत के खाता नंबर और रकबा को आधार से लिंक करके गांव-गांव फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है। इस रजिस्ट्री से किसानों को एक आईडी मिलती है। यही आईडी अब उनकी किसान पहचान बन रहा है। ऐसे में खाद की बिक्री में भी अब किसान आईडी अनिवार्य करने की तैयारी है। सहकारी गोदाम से ई-पॉस मशीन के जरिए खाद खरीदते वक्त किसानों की आईडी डाली जाएगी। जिससे पता चल जाएगा कि किसान इससे पहले कितनी खाद खरीद चुका है। अप्रैल तक शत प्रतिशत किसानों की आईडी तैयार करने के लिए गांवों में शिविर लगाए जा रहे हैं। उप कृषि निदेशक राम किशन सिंह ने बताया कि किसान आईडी के जरिए खाद देने की योजना एक जून से लागू करने की तैयारी है।...
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