प्रयागराज, मार्च 27 -- प्रयागराज। एक अप्रैल से रजिस्ट्री कार्यालय में आईरिस का नमूना लिया जाएगा। जिसके बाद भूखंडों का बैनामा होगा। एआईजी कार्यालय की मांग पर शासन ने मशीनें भेज दी हैं और अब इसे सभी तहसीलों में सहायक निबंधकों को दे दिया गया है। पिछले महीनों में जमीन के बैनामा में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आधार सत्यापन का नियम लागू किया गया था। जिसके तहत बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गईं और अंगूठे का निशान लगते ही जमीन खरीदने और बेचने वाले का पूरा ब्योरा सामने आता था। जिससे सिद्ध होता था कि बेचने वाला फर्जी व्यक्ति नहीं है। इस नियम के बाद बुजुर्गों के नाम पर होने वाले बैनामे में समस्या आ रही थी। क्योंकि बुजुर्ग होने के कारण कई लोगों के अंगूठे के निशान नहीं मिलते थे। इससे लगभग 20 से 30 फीसदी राजस्व का नुकसान हो रहा था। इसके बाद जिलों से आईरिस मशीन का...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.