प्रयागराज, अप्रैल 28 -- अब अधिकतम छह वर्ष शोध के लिए मिलेगा समय प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सात नवंबर 2022 के बाद नामांकित शोधार्थियों पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के 2022 विनियम लागू होंगे। इन शोधार्थियों के लिए पीएचडी की न्यूनतम अवधि तीन वर्ष और अधिकतम छह वर्ष तय की गई है। तीन वर्ष पूरे होने के बाद डीपीसी की सिफारिश पर अधिकतम दो वर्ष का विस्तार दिया जा सकेगा, जबकि पांच वर्ष पूरे होने पर आरडीसी की अनुशंसा से एक वर्ष का अतिरिक्त विस्तार संभव होगा। नई व्यवस्था के तहत महिला और दिव्यांग शोधार्थियों को अधिकतम आठ वर्ष तक का समय मिलेगा। निर्धारित अधिकतम अवधि पूरी होने पर पंजीकरण समाप्त हो जाएगा, लेकिन उन्हें भी बिना प्रवेश परीक्षा के पुनः पंजीकरण का अवसर दिया जाएगा। यह भी पढ़ें- ईसी की बैठक में 162 महाविद्यालयों को संबद्धता दी ऐसे शोध...
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