प्रमुख संवाददाता, अगस्त 30 -- सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद कानपुर नगर निगम में शुरू हुई भ्रष्टाचार की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। यहां अफसरों के लिए बना बंगला नंबर एक चपरासी को आवंटित कर दिया गया। वह कम से कम तीन साल से बंगले में ही रह रहा है। मेयर और तीन नगर आयुक्तों के रहते यह गोलमाल कैसे हुआ, यह रहस्य है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि नगर निगम के चपरासी विनोद रावत को गोविंदनगर के जागेश्वर अस्पताल परिसर में नगर निगम ने बंगला नंबर एक का आवंटन कर दिया। यह प्रथम श्रेणी/गजटेड अधिकारियों को ही मिल सकता था। यह किसके इशारे पर हुआ, इसकी जांच हो रही है। बताया जाता है कि वाहन चालक संघ के संस्थापक और प्रदेश अध्यक्ष विनोद को बंगला आवंटित होने की शिकायत की गई थी। तीन साल पहले विशेष सचिव ने तत्कालीन अपर नगर आयुक्त प्रतिपाल सिंह को जांच...