फतेहपुर, मई 30 -- फतेहपुर। पंचायत चुनाव टरकाने के साथ प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी तो थमा दी गई लेकिन रकम खर्च करने पर पाबंदी भी लगा दी गई है। अधूरे कार्यों को पूरा करा सकते है लेकिन नए विकास कार्य के लिए विभागीय अफसरों समेत डीएम की स्वीकृति पर ही खर्च कर पाएंगे। ऐसे ही प्रशासनिक और वित्तीय प्रभार सीज होने की दशा में एडीओ पंचायत के हाथ पंचायत का कार्यभार सौंपा जाएगा। जिले की पंचायतों में होने वाले चुनावों की अटकलों पर विराम के साथ ही प्रशासकों की नियुक्ति पर भी विराम लग चुका है। शासन ने गांवों के प्रधानों को ही प्रशासक बनाने का निर्णय लिया है। यह भी पढ़ें- यूपी पंचायत चुनाव तक के लिए प्रशासक बने प्रधान कैसे करेंगे काम? शासन ने डिटेल में बताया पंचायती राज द्वारा जारी शासनादेश के तहत ग्राम पंचायतों के कार्यकाल समाप्ति और प्रशासक बनने क...