नई दिल्ली, जून 15 -- एक वह भी दौर था जब हशमतुल्लाह शाहिदी को बल्लेबाजी या मोहम्मद नबी को स्पिन गेंदबाजी करते देख दाउद अहमदजई मन मसोसकर रह जाते थे कि आखिर वह अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम में क्यों नहीं हैं? अंडर 19 स्तर पर शाहिदी, नबी, गुलबदिन नायब और नजीबुल्लाह जदरान के साथ खेल चुके दाउद अक्सर खुद से पूछते थे कि क्या उनके भीतर क्रिकेट बची भी है या नहीं? अफगानिस्तान के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का उनका सपना पूरा नहीं हुआ, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेटर वे जरूर बन गए हैं। इसके लिए उन्होंने फ्रांस का रुख किया था। 32 वर्ष के इस क्रिकेटर ने पीटीआई से बात करते हुए कहा, ''कई बार टीवी पर उन्हें देखकर मैं रोता था। मैं उनके साथ खेल चुका था। कई बार लगता था कि मेरे सफर को क्या हो गया है और मैं क्या अलग कर सकता था। मैं अफगानिस्तान की जर्सी पहनना चाहता था। य...