नई दिल्ली, अप्रैल 16 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत मामले में पीड़िता द्वारा भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर के लिए मृत्युदंड की मांग वाली अपील दायर करने में हुई 1940 दिन की देरी पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि जब याचिकाकर्ता अन्य संबंधित मामलों की पैरवी कर रही थीं, तो इस मामले में देरी माफ कराने के लिए ठोस और संतोषजनक कारण बताना जरूरी है। न्यायमूर्ति नवीन चावला और रविंद्र डुडेजा की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि पीड़िता को यह स्पष्ट करना होगा कि जब वह इसी प्रकरण से जुड़े अन्य मुकदमों को आगे बढ़ा रही थीं, तब इस मामले में अपील दाखिल करने में इतनी देरी क्यों हुई। यह भी पढ़ें- 2024 हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट सख्त, पूर्व प्रभारी सहित 19 पुलिस कर्मियों के खिलाफ नोटिस जारी पीड़िता की ओर से ...