संतकबीरनगर, दिसम्बर 28 -- मेंहदावल, हिन्दुस्तान संवाद। स्कूलों में अध्ययनरत प्रत्येक छात्र की यूनिक डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपार आईडी बनाने का कार्य इन दिनों सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। शिक्षा विभाग और उच्चाधिकारियों के लगातार निर्देशों के चलते विद्यालय प्रबंधन पर तेजी से लक्ष्य पूरा करने का दबाव है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे इतर नजर आ रही है। तकनीकी खामियों और व्यवहारिक दिक्कतों के चलते अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया कई विद्यालयों में अटक गई है। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या आधार कार्ड, यू-डायस पोर्टल और विद्यालयीय अभिलेखों में दर्ज विवरणों के बीच असमानता है। बड़ी संख्या में छात्रों के आधार कार्ड में दर्ज नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण यू-डायस में भरे गए डाटा से मेल नहीं खा...
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