नई दिल्ली, फरवरी 5 -- नई दिल्ली, का. सं.। तीस हजारी अदालत ने दस साल पुराने अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में चार आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष पीड़ितों की गवाही और अन्य साक्ष्यों के जरिए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार की अदालत ने जरीना, उसके पति निखिल, जीना और सनी (महिला) को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह मामला वर्ष 2016 का है। एक नाबालिग पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, अवैध रूप से बंधक बनाने, जबरन देह व्यापार और नाबालिगों के यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया था।
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