नई दिल्ली, मई 24 -- बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल से उम्रकैद का कैदी करीब 8 साल पहले ही रिहा कर दिया गया। हालांकि, बाद में पता चला कि उसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के फर्जी कागजात पेश किए थे। अब इस मामले का खुलासा होने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जेल अधिकारियों ने आरोपी कैदी और साजिश में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जेल से बाहर निकलने में सफलता हासिल की थी। यह भी पढ़ें- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक नहीं रुकेंगे; NEET पेपर लीक पर राहुल गांधी की हुंकार शंकर अरुमुगम नामक यह कैदी 2001 के अपहरण और फिरौती मामले में दोषी ठहराया गया था। उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 364A और 120B के तहत दो-दो उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। अदालत ने दोनों सज...